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Kudhan – Hindi Poetry Book | कुढ़न by Devendra Dangi

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199.00

• देवेन्द्र दाँगी का पहला कविता संग्रह, जीवन के विविध अनुभवों का भावपूर्ण प्रतिबिंब।

• कठिन पलों, एकांत और आंतरिक भावनाओं को सरल और प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत करता है।

• शब्दों और किताबों को जीवन का सच्चा साथी मानने वाली संवेदनशील अभिव्यक्ति।

• आत्ममंथन और भावनात्मक गहराई की ओर ले जाने वाला संग्रह।

• कविता प्रेमियों और जीवन को गहराई से समझने वाले पाठकों के लिए विशेष।

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Description

कुढ़न लेखक और कवि देवेन्द्र दाँगी का पहला कविता संग्रह है, जो जीवन के अनेक रंगों और अनुभवों को शब्दों में पिरोता है। यह संग्रह पहले अमेज़न किंडल पर पाठकों तक पहुँचा और अब पुस्तक रूप में प्रस्तुत है, ताकि पाठक इन कविताओं को स्पर्श के साथ महसूस कर सकें।

यह पुस्तक कवि की निजी यात्रा का प्रतिबिंब है। इसमें जीवन के कठिन क्षण, एकांत की चुप्पी, भीतर की बेचैनी और संवेदनाओं की लहरें सरल तथा प्रभावी भाषा में व्यक्त हुई हैं। दाँगी की लेखनी में सजावट नहीं, बल्कि सच्चाई की चमक है, जो सीधे पाठक के मन तक पहुँचती है।

इन कविताओं की प्रेरणा उनके दादा के किताबों के प्रति प्रेम से भी जुड़ी है। जीवन के एक पड़ाव पर पढ़ने की नई शुरुआत ने जिस तरह ऊर्जा और दृष्टि दी, वही भाव इस संग्रह में धड़कता है। कवि मानते हैं कि शब्द केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन के साथी बन सकते हैं।

कुढ़न आत्ममंथन का आमंत्रण है। यह संग्रह पाठक को भीतर झांकने, अपने अनुभवों को पहचानने और संवेदनाओं की गहराई को समझने का अवसर देता है। यह केवल कविता प्रेमियों के लिए नहीं, बल्कि उन सभी के लिए है जो जीवन को शब्दों में महसूस करना चाहते हैं।

Additional information

Weight 130 g
Dimensions 20 × 13 × 1.5 cm
Publisher

Pankti Prakashan

Author

Devendra Dangi

5 reviews for Kudhan – Hindi Poetry Book | कुढ़न by Devendra Dangi

  1. Priti Desai

    Book introspective aur inspiring hai. Words ke through life ko samajhne ka ek naya nazariya milta hai.

  2. Amit Chouhan

    Kavitaon mein ek raw feel hai jo authentic lagti hai. Jo log serious poetry pasand karte hain unke liye achha option hai.

  3. Nupur Singh

    Is collection ne mujhe apne hi emotions se rubaru karaya. Poet ne bahut honestly apni baat rakhi hai.

  4. Rakesh Yadav

    Language bahut seedhi aur prabhavshali hai. Kuch kavitaayein especially yaad reh jaati hain. Ek meaningful read laga.

  5. Shalini Verma

    Kudhan ek bahut hi heartfelt collection hai. Har kavita mein sachchai aur simplicity hai jo dil ko chhoo leti hai.

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