Previous
Kudhan Kitaab paglu

Kudhan – Hindi Poetry Book | कुढ़न by Devendra Dangi

199.00
Next

Ek Poorv Mein Bahut Se Poorv । एक पूर्व में बहुत से पूर्व [ विनोद कुमार शुक्ल का नया कविता-संग्रह ] by Vinod Kumar Shukla

199.00
Ek Poorv Mein Bahut Se Poorv Kitaab Paglu

Mai Mara do baar | मैं मरा दो बार by Naveen Rangiyal

225.00

(5 customer reviews)

• इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार और कवि नवीन रांगियाल का साहित्यिक परिचय।

• नईदुनिया, लोकमत समाचार और दैनिक भास्कर जैसे राष्ट्रीय अखबारों में कार्य अनुभव।

• कविता संग्रह इंतज़ार में आ की मात्रा से चर्चित पहचान।

• भारत भवन और रज़ा फाउंडेशन जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर सक्रिय भागीदारी।

• शब्द ऋषि पुरस्कार और गोपीकृष्ण गुप्ता सम्मान से सम्मानित पत्रकार।

Hurry! only 1 left in stock.
Trust Badge Image

Description

नवीन रांगियाल मध्यप्रदेश के इंदौर से संबंध रखते हैं और पेशे से पत्रकार हैं। उन्होंने नईदुनिया, लोकमत समाचार, प्रजातंत्र और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समाचार पत्रों में कार्य किया है। वर्तमान में वे दुनिया के पहले हिन्दी पोर्टल वेबदुनिया हिंदी में असिस्टेंट एडिटर के रूप में सक्रिय हैं।

साल 2023 में उनका पहला चर्चित कविता संग्रह इंतज़ार में आ की मात्रा सेतु प्रकाशन द्वारा प्रकाशित हुआ, जिसने साहित्यिक जगत में उन्हें एक विशिष्ट पहचान दिलाई। उनकी कविताएँ और आलेख भोपाल के भारत भवन से प्रकाशित पत्रिका पूर्व ग्रह, रायपुर से प्रकाशित बहुमत, उस्ताद अलाउद्दीन ख़ाँ संगीत एवं कला अकादमी की पत्रिका कलावार्ता, कविता कोश, जानकी पुल, सदानीरा तथा रेख्ता के साहित्यिक उपक्रम हिन्दवी जैसे महत्वपूर्ण मंचों पर प्रकाशित हो चुके हैं।

वे भारत भवन भोपाल और सैयद हैदर रज़ा फाउंडेशन जैसे प्रतिष्ठित साहित्यिक मंचों पर चयनित भागीदारी निभा चुके हैं। अपने ब्लॉग औघट घाट पर वे भारतीय शास्त्रीय संगीत और पाश्चात्य संगीत पर नियमित लेखन करते हैं, जिससे उनके साहित्यिक सरोकारों का व्यापक आयाम सामने आता है।

पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को मध्यप्रदेश स्टेट प्रेस क्लब द्वारा शब्द ऋषि पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्ष 2022 में श्रेष्ठ रिपोर्टिंग के लिए उन्हें गोपीकृष्ण गुप्ता सम्मान प्राप्त हुआ। नवीन रांगियाल की लेखनी पत्रकारिता की सटीकता और कविता की संवेदनशीलता का सुंदर संगम है, जो उन्हें समकालीन साहित्य और मीडिया जगत में एक विशिष्ट स्थान प्रदान करता है।

Additional information

Weight 110 g
Dimensions 20 × 13 × 1.5 cm
Publisher

Pankti Prakashan

Author

Naveen Rangiyal

ISBN

978-81-981755-7-1

5 reviews for Mai Mara do baar | मैं मरा दो बार by Naveen Rangiyal

4.2
Based on 5 reviews
5 star
40
40%
4 star
40
40%
3 star
20
20%
2 star
0%
1 star
0%
1-5 of 5 reviews
  1. Naveen Rangiyal ka profile padhkar unki literary journey kaafi inspiring lagi. Journalism aur poetry ka combination unhe alag pehchan deta hai.

    (0) (0)
  2. Unka background bahut strong hai aur achievements impressive hain. Sahitya aur patrakarita dono mein unki pakad saaf dikhti hai.

    (0) (0)
  3. Awards aur reputed platforms par participation dekhkar samajh aata hai ki unki credibility kitni mazboot hai. Bahut motivating profile hai.

    (0) (0)
  4. Poetry aur journalism ke beech balance banana asaan nahi hota, lekin Naveen ji ne dono mein apni pehchan banayi hai.

    (0) (0)
  5. Unki safalta aur literary presence bahut prerna deti hai. Young writers ke liye ek strong example hain.

    (0) (0)
Add a review
Mai Mara do baar | मैं मरा दो बार  by Naveen Rangiyal Mai Mara do baar | मैं मरा दो बार by Naveen Rangiyal
Overall rating*
0/5
* Rating is required
How do you like Packaging?
0/5
* Rating is required
Your review
* Review is required
Name
* Name is required

You may also like…

  • Musafir Café | मुसाफिर Cafe | by Divya Prakash Dubey

    199.00

Shopping cart

0
image/svg+xml

No products in the cart.

Continue Shopping