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मसाला चाय | Masala chai kitab paglu

Sarkari Chai Ke liye – Hindi Novel Perfect Paperback by Prem Shankar Chardana

249.00

• सरकारी चाय के लिए प्रेम शंकर चरड़ाना का पहला उपन्यास, जो प्रतियोगी छात्रों के संघर्षपूर्ण जीवन को सजीव रूप में प्रस्तुत करता है।

• किराए के कमरों, तन्हा शामों और सीमित साधनों के बीच पलते बड़े सपनों की भावनात्मक कहानी।

• कोचिंग की भागदौड़, असफलताओं और उम्मीदों के दबाव के बीच अडिग हौसले का सशक्त चित्रण।

• साधारण चाय के कप के साथ बनते रिश्तों और दोस्ती की गर्माहट को संवेदनशील ढंग से उकेरता है।

• हर उस युवा के दिल को छूने वाली कहानी जो अपने सपनों के लिए घर से दूर संघर्ष कर रहा है।

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Description

सरकारी चाय के लिए प्रेम शंकर चरड़ाना का प्रथम उपन्यास है, जो उन युवाओं के जीवन की गहराइयों तक ले जाता है जो सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए अपने घरों से दूर शहरों में संघर्ष कर रहे हैं। यह केवल एक परीक्षा की कहानी नहीं है, बल्कि उस संपूर्ण जीवन का चित्रण है जिसमें सीमित साधनों के बीच बड़े सपने पलते हैं।

इस उपन्यास में किराए के छोटे कमरों की घुटन भी है और उन्हीं कमरों में जन्म लेते आत्मविश्वास के सपने भी। इसमें तन्हा शामों की खामोशी है, टपकती छतों के नीचे रखी उम्मीदें हैं, और चाय के एक साधारण से कप के साथ बनते गहरे रिश्तों की गर्माहट भी है। हर पन्ना उन छात्रों की भावनाओं को सजीव कर देता है जो कोचिंग की भागदौड़, बार बार की असफलताओं और परिवार की उम्मीदों के बीच खुद को संभालते हुए आगे बढ़ते रहते हैं।

लेखक ने अत्यंत सरल और संवेदनशील भाषा में उस सच्चाई को उकेरा है जो लगभग हर प्रतियोगी छात्र के जीवन का हिस्सा बन जाती है। यह कहानी संघर्ष की है, धैर्य की है, और उस अटूट जज़्बे की है जो बार बार गिरकर भी हार मानने से इनकार करता है।

सरकारी चाय के लिए केवल एक उपन्यास नहीं, बल्कि लाखों युवाओं की सामूहिक स्मृतियों, सपनों और उम्मीदों का जीवंत दस्तावेज है।

Additional information

Weight 110 g
Dimensions 20 × 13 × 1.5 cm
Publisher

Pankti Prakashan

Author

Prem Shankar Chardana

ISBN

978-81-981755-6-4

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Sarkari Chai Ke liye - Hindi Novel Perfect Paperback by Prem Shankar Chardana Sarkari Chai Ke liye - Hindi Novel Perfect Paperback by Prem Shankar Chardana
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